टूट गया है तिलिस्म उनके विश्वास का-हिन्दी शायरी (khamosh toofan-hindi shayari)
दीवार के उस तरफ
वह आग की तरह उफन रहे हैं
यह सोचकर कि इस पार
पहुंचते ही तिनके को जला डालेंगे।
अंदाज नहीं उनको इस बात का कि
यहां भी कोई खामोश तूफान सांस ले रहा है
यह ख्याल करते हुए कि
हवाओं का रुख पलटा है कई बार
इस बार आग को भी भस्म कर डालेंगे।
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थोड़े प्यार की उम्मीद थी
उसे भी न दे सके
लगाई ऊंची कीमत उन्होंने अपनी दोस्ती की
यह सोचकर कि
लाचार को बिचारा बना देंगे।
टूट गया है तिलिस्म उनके विश्वास का
भले ही अपने घमंड का आसरा है उनको
पर जब आकर देखेंगे टूटा दिल
तब अपने ख्याल ही उनको हरा देंगे।
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कवि, लेखक एंव संपादक-दीपक भारतदीप,Gwalior
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